एएमयू की पूर्व छात्रा डॉक्टर हशिमा ने दुनिया में फहराया परचम, नासा टेलीस्कोप के लॉन्च में अहम भूमिका

अमुवि की पुरातन छात्रा डा हाशिम ने 1968 से 1973 के दौरान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में परमाणु भौतिकी में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है अलीगढ़, 29 दिसंबरः किसी भी…

प्रोफेसर अंजुम परवेज मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष नियुक्त

अलीगढ़, 29 दिसंबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कालेज के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर अंजुम परवेज को तीन वर्ष की अवधि के लिए संबंधित विभाग का अध्यक्ष नियुक्त…

देश के प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञों ने युवा आबादी में दिल के दौरे की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई

एएमयू के प्रोफेसर एम.यू रब्बानी ने कार्डियोलोजी इंटरवेंशन काउंसिल की बैठक का उद्घाटन किया अलीगढ़, 29 दिसंबरः वृद्ध लोगों को प्रभावित करने वाले हृदय रोगों के बारे में आम धारणा…

प्रोफेसर रूबी अंजुम अमुवि कोर्ट सदस्य नियुक्त

अलीगढ़ 28 दिसंबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की फैकल्टी आफ यूनानी मेडीसिन, अजमल खां तिब्बिया कालिज के तहफ्फुजी व समाजी तिब विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर रूबी अंजुम को वरिष्ठता के आधार पर एएमयू कोर्ट…

एएमयू में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में उभरती प्रौद्योगिकियों पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन

अलीगढ़ 27 दिसंबरः अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक के मैकेनिकल इंजीनियरिंग सेक्शन के तत्वाधान में भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग से संबद्ध आल इंडिया काउंसिल फार प्रोडक्टिव एजुकेशन रिसर्च…

कोन-बीम कंप्यूटेड टोमोग्राफी दांत चिकित्सा में एक क्रांति लेकर उभरा

अलीगढ़, दिसंबर 27 अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के डा. जेडए डेंटल कालेज के ओरल मेडिसिन और रेडियोलाजी/ओरल पैथोलाजी विभाग के सहायक प्रोफेसर डाक्टर मोहम्मद असदउल्लाह ने ‘लुमिमिंड्स कन्वेंशन एंड वर्ल्ड कांग्रेस आन डेंटिस्ट्री एंड ओरल…

राष्ट्रीय गणित दिवस: एएमयू के गणित विभाग ने आयोजित की प्रतियोगिताएं

अलीगढ़,24 दिसंबरः अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय के गणित विभाग के तत्वाधान में श्रीनिवास अयंगर रामानुजन की जयंती और राष्ट्रीय गणित दिवस के अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किये गए जिनमें गणित प्रश्नोत्तरी में शाहबाज अली (बीएससी) और एजाज नजीर (एमएससी) ने स्नातक और स्नातकोत्तर श्रेणियों में पुरस्कार जीता जबकि इंजिला मुनीर (एमएससी) को निबंध लेखन प्रतियोगिता का विजेता घोषित किया गया। अंडरग्रेजुएट क्विज में शाहिद उल इस्लाम (बीएससी) ने दूसरा और उज्मा महमूद (बीएससी) ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। स्नातकोत्तर प्रश्नोत्तरी में एमएससी के छात्र रेहान रजा और एस के मोहम्मद सलाउद्दीन ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया जबकि निबंध प्रतियोगिता में पीएचडी छात्र मनोज कुमार ने द्वितीय तथा प्रशांत शर्मा (बीएससी) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। श्रीनिवास रामानुजन के जीवन पर एक व्याख्यान देते हुए प्रोफेसर दिनेश सिंह (पूर्व कुलपति, दिल्ली विश्वविद्यालय) ने विश्व विख्यात गणितज्ञ के जीवन और उनके गणितीय सिद्धांतों को स्थापित करने की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय ने श्रीनिवास रामानुजन को नियमित पीएचडी डिग्री प्रदान की हालांकि रामानुजन के पास कोई अन्य डिग्री नहीं थी। वह एक स्व-शिक्षित गणितज्ञ थे। यह आश्चर्यजनक है कि ऐसे व्यक्ति ने कैसी उपलब्धियां हासिल कीं कि उसने इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिकों में अपनी जगह बनाई। प्रोफेसर मोहम्मद अशरफ (डीन, विज्ञान संकाय और अध्यक्ष, गणित विभाग) ने पहले सत्र की अध्यक्षता की। दूसरे सत्र में, प्रोफेसर सी एस ललिता (पूर्व डीन, गणितीय विज्ञान संकाय, दिल्ली विश्वविद्यालय) ने ‘श्रीनिवास रामानुजन – भारतीय गणित का गौरव’ विषय पर बात की। उन्होंने विभाजन क्रिया के गुणों की अग्रणी खोजों सहित संख्याओं के सिद्धांत में रामानुजन के योगदान पर चर्चा की। प्रोफेसर ललिता ने रामानुजन को दिए गए विभिन्न पुरस्कारों पर भी बात की और उन्हें सम्मानित करने के लिए सरकार द्वारा जारी डाक टिकटों को दिखाया। इस सत्र की अध्यक्षता प्रोफेसर शाहिद अली ने की। ‘श्रीनिवास रामानुजन – बीसवीं शताब्दी के महान भारतीय गणितज्ञ’ विषय पर व्याख्यान में डा. ए के अग्रवाल (प्रोफेसर एमेरिटस, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़) ने रामानुजन द्वारा विकसित संख्या सिद्धांत के अनुप्रयोगों और इसे कैसे प्राप्त किया गया था, को चित्रित किया। उन्होंने कहा कि रामानुजन अनंत से अधिक जानते थे, उन्होंने थ्योरमस का योगदान दिया और 3900 परिणाम संकलित किए। लोग उन्हें हार्डी-रामानुजन नंबर के लिए भी जानते हैं। ब्रिटिश गणितज्ञ, जीएच हार्डी, जो एक अस्पताल में रामानुजन से मिलने गए थे, ने यूँही कहा कि वह ‘1729’ नंबर वाली एक टैक्सी में आए थे, जो काफी सामान्य संख्या थी।  इस पर रामानुजन ने उत्तर दिया कि यह संख्या सबसे छोटी संख्या है जिसे दो अलग-अलग घनों के योग के रूप में दो अलग-अलग तरीकों से व्यक्त किया जा सकता है। हालांकि यह संख्या रामानुजन का सबसे बड़ा संयोजन नहीं है, यह निश्चित रूप से एक आकर्षक खोज है जिसे उनकी सभी खोजों में याद रखना आसान है। इस सत्र की अध्यक्षता प्रोफेसर विकार आजम खान ने की। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर मोहम्मद अशरफ ने संख्याओं के साथ रामानुजन के आकर्षण और संख्याओं के विभाजन के अध्ययन ‘पार्टिटियो न्यूमेरोरम’ में उल्लेखनीय योगदान के बारे में बताया। दैनिक जीवन में गणित के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डा. मुसव्विर अली ने कहा कि हमने युवा पीढ़ी को गणित पढ़ने और सीखने के लिए प्रेरित करने के लिए कई पहल की हैं। उन्होंने रामानुजन की संख्याओं के विश्लेषणात्मक सिद्धांत की व्याख्या और अण्डाकार कार्यों, निरंतर अंशों और अनंत श्रृंखला पर काम करने पर भी बात की। प्रोफेसर कमरुल हसन अंसारी ने बताया कि कैसे रामानुजन के गणित के प्रति रुझान को पहचाना गया और उनके कार्यों को दस्तावेज़ी रूप दिया गया। सप्ताह भर चलने वाले समारोह का आयोजन प्रोफेसर शाहिद अली, डा. मुसव्विर अली और डा. अखलद इकबाल की सह-संयोजकता के तहत किया गया था, जबकि प्रोफेसर कमरुल हसन अंसारी मुख्य राष्ट्रीय गणित दिवस कार्यक्रम के संयोजक थे। प्रोफेसर नदीम उर रहमान (सह-संयोजक, राष्ट्रीय गणित दिवस) ने धन्यवाद दिया।

AMU: ऊर्जा संरक्षण में यूपी में एएमयू दूसरे नंबर पर, पुरस्कार मिला

अलीगढ़ 24 दिसंबरः हरित विश्वविद्यालय बनने के इसके प्रयासों की मान्यता के रूप में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को ऊर्जा संरक्षण में योगदान के लिए यूपी के उच्च शिक्षा संस्थानों में द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।  यह पुरस्कार भारत सरकार के ऊर्जा संरक्षण अधिनियम 2001 के तहत राज्य द्वारा नामित एजेंसी उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (यूपीएनईडीए) द्वारा प्रदान किया गया है। इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कुलपति, प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग को रोकने और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए ऊर्जा का संरक्षण और हरित ऊर्जा स्रोतों को अपनाना एक महत्वपूर्ण उपाय है। एएमयू देश के उन अग्रणी संस्थानों में से एक है जिन्होंने हरित ऊर्जा समाधानों को अपनाया है। विश्वविद्यालय की ओर से पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रोफेसर मोहम्मद रिहान (सदस्य प्रभारी, बिजली विभाग और संयोजक, हरित विश्वविद्यालय परियोजना समिति, एएमयू), ने कहा कि एएमयू ऊर्जा दक्षता और संरक्षण के लिए बढ़ चढ़ कर प्रयास कर रहा है और यह पुरस्कार ऊर्जा की आवश्यकता में कमी, ऊर्जा दक्षता और संरक्षण पर नीतिगत निर्णयों को लागू करने जैसे उपायों के मूल्यांकन के आधार पर दिया गया है। मूल्यांकन प्रक्रिया में कर्मचारियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों और समाज के लिए ऊर्जा संरक्षण जागरूकता अभियानों को भी दृष्टिगत रखा गया है। उन्होंने कहा कि पुरस्कार समारोह का आयोजन राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस, 2021 के उपलक्ष में किया गया था।

प्रोफेसर सलमा अहमद एमबीए विभाग की डीन नियुक्त

प्रोफेसर सलमा अहमद डीन नियुक्तअलीगढ़, 23 दिसंबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग की प्रोफेसर सलमा अहमद को फैकल्टी आफ मैनेजमेंट स्टडीज़ एण्ड रिसर्च का डीन नियुक्त किया गया…

AMU: हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन जैकड़ा को इफीसाइकिल 2021 प्रतियोगिता में 5वां स्थान

अलीगढ़, 23 दिसंबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जाकिर हुसैन कालिज आफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नालोजी के मेकैनिकल इंजीनियरिंग विभाग की सोसाइटी आफ आटोमोटिव इंजीनियर्स (एसएई) के छात्रों की टीम ग्रीन वारियर्स…

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