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Saturday, May 25, 2024
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हरेरा कोर्ट ने बीबीए नियम के उल्लंघन के लिए वाटिका बिल्डर को लगाया जुर्माना, कहा अलॉटी को पजेशन मिलने तक ब्याज दो

गुरुग्राम, 16 अप्रैल। हरियाणा रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (हरेरा) अदालत ने रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम 2016 की धारा 13 के तहत बिल्डर खरीदार समझौते (BBA) के प्रावधानों का उल्लंघन करने के लिए रियल एस्टेट प्रमोटर वाटिका लिमिटेड को जुर्माना लगाया। श्री एसके अरोड़ा द्वारा पारित रेरा कोर्ट के इस आदेश से पांच शिकायतकर्ताओं को बड़ी राहत मिली है।
आदेश में कहा गया –
“प्राधिकरण वाटिका लिमिटेड के द्वारा अधिनियम 2016 की धारा 13 के उल्लंघन को स्थापित करता है और धारा 61 के तहत 1,00,000/- रुपये का जुर्माना लगाता है और इसके अलावा प्रमोटर को पंजीकृत खरीदार के समझौते को निष्पादित करने का निर्देश देता है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि 30 दिनों के भीतर वाटिका रियल एस्टेट विनियमन और विकास नियम 2017 में प्रदान किये गए मॉडल समझौता पर अमल करे, ऐसा न करने पर प्राधिकरण धारा 63 के तहत दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगा।
ज्ञात हो कि धारा 13 में कहा गया है कि एक प्रमोटर किसी अपार्टमेंट, प्लॉट या भवन की कुल लागत का 10 प्रतिशत से अधिक राशि स्वीकार नहीं करेगा बिना लिखित समझौते में प्रवेश किए।
“जबकि, तत्काल मामले में प्रतिवादी (वाटिका लिमिटेड) ने बीबीए निष्पादित किए बिना ही complaint से 100 प्रतिशत consideration स्वीकार कर लिया है,”
आदेश में कहा गया है कि वाटिका लिमिटेड ने अदालत के 23.02.2024 के आदेश का पालन नहीं किया जिसके लिए अदालत वाटिका लिमिटेड को अधिनियम 2016 की धारा 63 के तहत 25000/- रुपये का जुर्माना लगाता है।
ज्ञात हो कि वाटिका लिमिटेड से कोई वांछित राहत नहीं मिलने के बाद सभी पांच शिकायतकर्ता ने अक्टूबर 2022 में न्याय की मांग करते हुए रेरा कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। शिकायतकर्ताओं ने 2018 में वाटिका इंडिया नेक्स्ट प्रोजेक्ट में वाणिज्यिक इकाइयां बुक की थीं और बिल्डर खरीदार समझौते (बीबीए) को निष्पादित किए बिना प्रमोटर ने उनसे पूरा भुगतान करा लिया था। एक साल बाद, वाटिका ने उनकी सहमति के बिना उनकी इकाइयों को सेक्टर 16, गुरुग्राम में एक अलग प्रोजेक्ट वाटिका वन में स्थानांतरित कर दिया और यूनिट के आकार को 1000 वर्ग फुट के मूल आकार से घटाकर 500 वर्ग फुट कर दिया।
शिकायतकर्ताओं को बड़ी राहत देते हुए, RERA अदालत ने वाटिका लिमिटेड को कब्जे की नियत तारीख से लेकर कब्जे के वैध प्रस्ताव तक हर महीने की देरी के लिए निर्धारित दर पर ब्याज का भुगतान करने का भी सख्त निर्देश दिया है।

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