घरेलू एवं कृषि कार्यों के लिए निःशुल्क होगा पंजीकरण
औद्यौगिक उपयोग की बोरिगो के लिए 5000 रूपये पंजीकरण एवं 5000 रूपये अनापत्ति प्रमाण पत्र शुल्क देय
अलीगढ़। जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. की अध्यक्षता में गठित भू जल प्रबन्धन परिषद द्वारा भूजल अधिनियम 2019 में दिये गये प्राविधानों को जनपद में कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिये हैं। डीएम ने कहा कि जनपद में अब सभी प्रकार के बोरिगो का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। एक्ट के अन्तर्गत घरेलू, कृशि और औधौगिक तीन श्रेणियो की बोरिगो का पंजीकरण किया जायेगा। उन्होंने सहायक अभियन्ता लघु सिंचाई को निर्देश दिये कि जनपद में भूजल के गिरते स्तर में सुधार करने के लिए हर सम्भव प्रयास किये जाएं और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्यवाही कराते हुए जेल भेजा जाए।
डीएम ने जनपद में अधांधुन्ध खुल रहे अवैध एवं अपंजीकृत आरओ प्लान्ट के खिलाफ कडी कार्यवाही की तैयारी करते हुए भूजल सर्वेक्षण विभाग, लघु सिचाई विभाग और जिला प्रशासन की टीम गठित कर जनपद भर में सयुक्त रूप से अभियान चलाने के निर्देश दिये हैं। जनपद में खुले इन अवैध आर0ओ0 प्लान्ट द्वारा बडी मात्रा में भूजल का अनियमित दोहन किया जा रहा है, इनके स्वामी बिना पंजीकरण कराये अपने घरो में प्लान्ट खोलकर पानी की सप्लाई करते है, शहर के अतिरिक्त अब ग्रामीण अंचल में भी आर0ओ प्लान्ट खुलने लगे है।
डीएम ने बताया कि भूजल की बर्वादी रोकने और प्लान्टों को व्यवस्थित करने के लिये इनका पंजीकरण किये जाने का प्राविधान है। सरकार ने ग्राउन्ड वाटर एक्ट 2019 लागू कर दिया गया है, इसके के तहत इनका पंजीकरण कराना आवश्यक है। बिना पंजीकरण के प्लान्टस एवं इन्डस्ट्रीज व निर्माण कार्य बल्क यूजर जैसे होटल, हास्पीटल, गाडी धुलाई सेन्टर, आर0ओ0 प्लान्टस आदि का संचालन किया जा रहा है। इस मामले में जुर्माना, करावास या दोनो हो सकते है।
सहायक अभियन्ता लघु सिचाई ने अवगत कराया है कि घरेलू और कृषि कार्यों की बोरिंगो का पंजीकरण निःशुल्क होगा जबकि औद्यौगिक उपयोग के लिये की गयी बोरिगो के लिए 5000 रूपये पंजीकरण एवं 5000 रूपये अनापत्ति प्रमाण पत्र शुल्क देना होगा। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन जितने पानी का उपयोग किया जायेगा उनकी मात्रा के अनुसार वार्षिक शुल्क पृथक से देना होगा। औद्योगिक उपयोग की बोरिगो को तीन श्रेणियो में बाॅंटा गया है। इनमंे बल्क यूजर, इन्डस्टृीयल और निर्माण क्षेत्र के लिये बोरिगं का पंजीकरण कराये बिना भूजल दोहन पर जुर्माना, करावास, या दोनो ही हो सकती है। इन सभी को पंजीकरण या अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य है। इनका पंजीकरण एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र हेतु आवेदन आन लाइन निमेष मित्र पोर्टल पर किया जायेगा। कृषि एवं घरेलू बोरिगो के पंजीकरण बेब पोर्टल ूूूण्नचहूकवदसपदमण्पद पर आन लाइन कर सकते है।
सुमन ने बताया कि ग्राउन्ट वाटर एक्ट 2019 के तहत केवल बोरिगं ही नही बोरिगं करने के लिए प्रयोग की जाने वाली ड्रिलिगं मशीनो का भी पंजीकरण कराना अनिवार्य है इसके तहत जो भी ड्रिलिगं मशीन है उसका पंजीकरण कराना होगा और यह मशीन उसी जिले में बोरिगं कर सकेगी जिस जिले में पंजीकरण होगा। ड्रिलिगं एजेन्सी का पंजीकरण आनलाइन वेव पोर्टल पर होगा पंजीकरण का षुल्क 5000 रूपये होगा पंजीकरण ड्रिलिगं एजेन्सी को अधिसूचित क्षेत्र और भूजल गुणवता के संवेदनशील क्षेत्रो में कार्य कराने की अनुमति नहीं होगी इसकी वैधता 3 वर्ष होगी। जनपद में शहरी क्षेत्र नगर निगम एवं विकास खण्ड इगलास अधिसूचित क्षेत्र के अन्र्तगत आता है, जिसमें उद्योग, कमर्शियल आदि को बोरिंग कराने पर अधिनियम के अनुसार पूर्ण प्रतिबन्ध है। कृषि एवं घरेलू प्रयोग हेतु प्रतिबन्ध नही है।
सद्भावना दिवस पर दिलाई प्रतिज्ञा
जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. के निर्देश पर एडीएम सिटी राकेष कुमार मालपाणी ने कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में अधिकारियो एवं कर्मचारियो को सद्भावना दिवस की शपथ दिलाई। पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 श्री राजीव गांधी की जयंती को प्रत्येक वर्ष 20 अगस्त को ‘सद्भावना दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। सद्भावना दिवस का उद््देष्य सभी धर्मों, भाषाओं और क्षेत्रों के लोगो के बीच राष्ट्रीय एकता और साम्प्रदायिक सद्भाव को बढावा देना है। अतः प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी 20 अगस्त को सदभावना दिवस के अवसर पर सदभावना शपथ दिलाई गई। कलेक्ट्रेट के साथ ही जनपद के सभी कार्यालयों में कार्यालय अध्यक्ष द्वारा अपने सभी कर्मचारियों को सद्भावना प्रतिज्ञा दिलाई गई।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विधान जयसवाल, अपर जिलाधिकारी प्रशासन डीपी पाल, नगर मजिस्ट्रेट विनीत कुमार सिंह, एसीएम अंजुम बी, एसएलओ संजीव ओझा समेत कलेक्ट्रेट पटल सहायक उपस्थित रहे।









