डीएम की अध्यक्षता में विकास कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न
अलीगढ़। जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। डीएम ने कहा कि ऐसे विभाग जो कार्यक्रम, क्रियान्वयन विभाग द्वारा जारी रैंकिग में काफी नीचे हैं या फिर ए श्रेणी में नहीं हैं, व्यक्तिगत रूचि के साथ योजनाओं को धरातल पर साकार करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी एक विभाग की लचर विभाग की कार्यशैली की वजह से यदि पूरे जनपद की रैंकिंग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी विभाग जब सकारात्मक सोच रखेंगे तभी जनपद की रैंकिंग बढ़ेगी।
डीएम ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न प्रकार की योजनाओं की प्रत्येक माह कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग द्वारा कार्यक्रमवार, संकेतवार ग्रेडिंग की जाती है। जनपदीय अधिकारियों द्वारा किये जा रहे कार्यों की प्रगति रिपोर्ट के आधार पर यह ग्रेडिंग तय की जाती है। आप द्वारा माह में कार्य नहीं किया गया है या समय से शासन को आख्या प्रस्तुत नहीं की गयी है तो ऐसे में आपकी लापरवाही के चलते जनपद की ग्रेडिंग पर बुरा असर पड़ना स्वाभाविक है, जो कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आईजीआरएस समीक्षा में पाया गया कि कई विभाग डिफाॅल्टर की श्रेणी में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनशिकायत निस्तारण को शासन द्वारा सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा गया है, जिसकी उच्च स्तर पर नियमित माॅनिटरिंग भी की जाती है। निरन्तर माॅनिटरिंग एवं लगातार दिये जा रहे निर्देशों के बावजूद भी जनशिकायत निस्तारण में अपेक्षानुरूप प्रगति नहीं हो रही है। शिकायत निस्तारण के लिए निश्चित समय दिये जाने के उपरान्त भी डिफाॅल्टर की श्रेणी में आना अत्यन्त चिंता का विषय है, सम्बन्धित अधिकारी को इस पर सोचना ही होगा।
सिंचाई एवं जल संसाधन की समीक्षा के दौरान नहरों में टेल तक पानी पहुॅचाने में ग्रेडिंग काफी कम पाई गयी है। समीक्षा में पाया गया कि 133 में से मात्र 100 में ही टेल तक पानी पहुॅच रहा है। जिलाधिकारी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हम किसान को सिर्फ पानी ही मुफ्त में देते हैं, बाकी तो सब कुछ वह खरीदते ही हैं। यदि समय से पानी नहीं मिलेगा तो उपज पर कैसा प्रभाव पड़ेगा आप समझ ही सकते हैं। पैदावार कम होने से किसान की कमर ही टूट जाती है। सरकार अन्नदाताओं की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है, सम्बन्धित विभागों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। सिंचाई विभाग द्वारा अक्टूबर माह में मनरेगा में कराए जाने वाले कार्यों के प्रस्ताव तैयार कर न देने पर भी जिलाधिकारी द्वारा नाराजगी व्यक्त की गयी।
जिलाधिकारी ने जनपद के 33 ग्रामों में पराली जलाने की घटनाओं का संज्ञान लेते हुए जिला कृषि अधिकारी एवं जिला गन्ना अधिकारी को निर्देशित किया कि वह जागरूकता कार्यक्रम चलाएं। किसानों को समझाएं कि पराली जलाना उनके लिए कितना हानिकारक है, सरकार द्वारा पराली निस्तारण के यंत्रों पर अनुदान भी दिया जा रहा है। उन्होंने जिला गन्ना अधिकारी को निर्देशित किया कि वह पैरवी कर किसानों का गन्ना भुगतान कराएं, यदि इस सम्बन्ध में आवश्यक हो तो अर्द्ध शासकीय पत्र भी भिजवाएं।
पशुपालन विभाग के संकेतांक काफी खराब पाए जाने पर जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी चन्द्रवीर के प्रति कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि निराश्रित गौवंश संरक्षण, सहभागिता योजना के साथ ही ईयर टैगिंग की प्रगति अच्छी नहीं है। विगत माह में सहभागिता योजना की प्रगति शून्य रही। उन्होंने कड़ा रूख अपनाते हुए कहा कि विभाग की लापरवाही के चलते निराश्रित गौवंश के सड़कों पर विचरण करने एवं फसलों को हानि पहॅचाने पर वहां भ्रमण के दौरान किसानों द्वारा किये गये सवालों का जवाब देना पड़ रहा है। जनपद में जल्द ही वीवीआईपी कार्यक्रम होना प्रस्तावित है, ऐसे में भी विभाग का हाथ पर हाथ धरे बैठे रहना अत्यन्त ही अशोभनीय है। उन्होंने सीवीओ को निर्देशित किया कि तहसील एवं जिला प्रशासन आपकी हर सम्भव मदद करने को तैयार है, काम आपको करना है।
लोक निर्माण विभाग द्वारा 90 सड़कों के सापेक्ष 78 में प्रगति दिखाये जाने पर जिलाधिकारी के सवालों का जवाब देते हुए अधिशासी अभियंता अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि सभी 90 सड़कों पर कार्य चल रहा है परन्तु एक स्तर पर आने के बाद ही कार्य पोर्टल पर परिलक्षित होता है। ऐसे में जिलाधिकारी ने कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने ओडीआर मार्गों में धीमी प्रगति पर सचेत करते हुए कहा कि अब बरसात भी नहीं हो रही है रामघाट रोड पर मरम्मत का कार्य जल्द शुरू करें। अपर नगर आयुक्त को निर्देशित किया गया कि वह अपनी सड़कों को गड्ढ़ामुक्त करें। जल निगम द्वारा पाइप पेय जल योजना एवं सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदी गयी सड़कों की अच्छे से सुधार करने के निर्देश दिये।
सहायक निदेशक निदेशक मत्स्य को निर्देशित किया गया कि मत्स्य पालन के लिए तालाबों का आवंटन कार्य समय से पूर्ण करें, पाॅच माह में अभी तक मात्र 31 प्रतिशत ही प्रगति हुई है। ऐसे तालाब जिनकी अवधि समाप्त हो गयी है, उनका भी आवंटन कराया जाए। समाज कल्याण अधिकारी को सामूहिक विवाह आयोजित करने, खाद्य अभिहित अधिकारी को लम्बित वादो को निस्तारण करने, कन्या सुमंगला योजना में पात्र लाभार्थियों को लाभ दिलाने एवं श्रम विभाग को श्रमिकों का अधिक से अधिक पंजीकरण करते हुए श्रम योगी मानधन योजना में भी प्रगति लाने के निर्देश दिये। ई-डिस्ट्रिक्ट योजना में प्रमाण पत्र निर्गत करने की स्थिति पर असंतोष प्रकट करते हुए कहा कि डिफाॅल्टर की श्रेणी में आने से पूर्व समयबद्धता के साथ निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए। जिला कार्यक्रम अधिकारी को पुष्टाहार समय से वितरण कराने एवं एनआरसी का लाभ कुपोषित बच्चों को दिलाया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंकित खण्डेलवाल, एडीएम डीपी पाल, पीडी सचिन, डीएसटीओ संजय कुमार एवं सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।









