महिला सम्मान कोष से नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही है प्रदेश सरकार
अलीगढ़। उत्तर प्रदेश में किसी भी तरह की हिंसा से पीड़ित महिलाओं की मदद करने के लिए राज्य सरकार द्वारा लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के माध्यम से मदद की जा रही है। हिंसा से पीड़ित महिलाओं को महिला सम्मान कोष के माध्यम से 3 से 10 लाख रूपये तक की मदद की जाती है। महिलाओं को हिंसा से संबंधित मामलों को तत्परता से निपटाया जाए ताकि प्रदेश सरकार द्वारा जारी आर्थिक सहायता राशि उनको जल्द से जल्द प्राप्त हो सके।
उक्त उद्गार जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. ने उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई सम्मान कोष के संचालन एवं महिला अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी अनुश्रवण समिति की बैठक में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि महिला सम्मान कोष के जरिए महिलाओं के पुनर्वास कार्यक्रम एवं जरूरत हो तो शिक्षा एवं आजीविका के लिए भी सहायता प्रदान की जाती है। प्रदेश सरकार का हर संभव प्रयास है कि हिंसा से पीड़ित महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में शामिल कर राष्ट्र के विकास में उनका योगदान सुरक्षित किया जाए।
ज़िला मजिस्ट्रेट ने उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष के कामकाज की समीक्षा करते हुए अब तक के मामलों की जानकारी प्राप्त की। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि अब तक 18 मामले प्राप्त हुए हैं, जिसमें 17 प्रकरणों में चार्जशीट प्राप्त हो गयी है एवं 01 प्रकरण में फाइनल रिपोर्ट लग गयी है। आहुत बैठक में जिला संचालन समिति द्वारा सभी प्रकरणों का निस्तारण किया गया। डीएम ने लंबे समय से लंबित प्रकरणों का जल्द से जल्द निस्तारित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मामलों को पूरी गंभीरता से लें जिससे पीड़ितों को न्याय मिल सके और अपराधियों को सजा दिलाई जा सके।
बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव महेन्द्र कुमार, एसपी क्राइम, संयुक्त निदेशक अभियोजन सुशील सिंह, महिला चिकित्सालय से डा0 गीतांजलि एवं डीडीयू चिकित्सालय से डा0 रश्मि चैधरी उपस्थित रहीं।









