वैक्सिनेशन के दौरान हैल्थ प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं होना चाहिए
-डीएम
जिला मजिस्ट्रेट सेल्वा कुमारी जे. ने ’’कोविड-19 मेगा वैक्सीनेशन डे’’ का दीप प्रज्ज्वलन एवं फीता काट कर उद्घाटन किया। डीएम ने निर्देशित किया कि वैक्सीनेशन के उपरांत हेल्थ प्रोटोकॉल का उल्लंघन किसी दशा में नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हेल्थ प्रोटोकॉल का उल्लंघन होना सीधे तौर पर व्यक्ति के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करना है, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने वैक्सीनेशन के उपरांत प्रमाण पत्र दिए जाने एवं वैक्सीनेशन की दूसरी डोज़ देने की सूचना व्यक्ति को किस प्रकार से दी जा रही है इस बाबत भी जानकारी प्राप्त करते हुए इस बारे में वाल राइटिंग किये जाने के निर्देश दिए।
’’कोविड-19 वैक्सीनेशन डे’’ के उद्घाटन के अवसर पर बन्नादेवी नगरीय स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा व्यक्ति को कोविड संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे व्यक्ति को सुरक्षा कवच मिल सके। उन्होंने कहा कि वैक्सीन का वेस्टज़ न होने दिया जाय। इसके लिए चिकित्सकों समेत पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित किया गया है। नगरीय स्वास्थ्य केंद्र बन्ना देवी पहुंचीं जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य केंद्र पर सफाई व्यवस्था पर संतोष जताया, परन्तु वैक्सिनेशन प्रोटोकॉल मामले पर कई खामियाँ नज़र आईं।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न किया जाए। डीएम ने मौके पर ही व्याप्त खामियों को दुरूस्त भी कराया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सभी प्रकार के संसाधन मुहैया कराए गए हैं। प्रदेश सरकार प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने मेडिकल पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित करने के निर्देश देते हुए कहा कि वैक्सिनेशन के उपरांत व्यक्ति को आधा घंटा वेटिंग रूम में बैठाने का प्रावधान किया गया है, ताकि यदि स्वास्थ्य में कोई बदलाव आता है या वैक्सीनेशन के उपरांत मरीज की हालत बिगड़ती है तो उसे तुरंत चिकित्सीय मदद की सुविधा प्राप्त हो सके।
जिलाधिकारी ने मौके पर ही जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉक्टर एनके माथुर, अर्बन कोऑर्डिनेटर अकबर एवं सहायक प्रशिक्षण अधिकारी शरद गुप्ता को निर्देशित किया कि वैक्सीनेशन प्रोटोकॉल के अनुसार ही वैक्सीनेशन का कार्य किया जाए।
क्या है वैक्सिनेशन प्रोटोकॉल
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कोविड-19 संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए प्रदेश भर में लगातार वैक्सीनेशन का अभियान जारी है। सरकार द्वारा इसके लिए वैक्सीनेशन प्रोटोकॉल तैयार किया गया है। जिसके मुताबिक सर्वप्रथम व्यक्ति का पंजीकरण कराया जाता है और फिर आधार सत्यापन होने के उपरांत वैक्सीनेशन रूम में वैक्सीन लगाई जाती है। वैक्सीनेशन होने के उपरांत आशा वर्कर के माध्यम से व्यक्ति को वेटिंग रूम तक लाया जाता है और फिर उसको आधे घंटे तक चिकित्सीय परीक्षण में रखा जाना होता है।
नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में वैक्सिनेशन डे उद्घाटन के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अंकित खंडेलवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आनंद कुमार उपाध्याय, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ राहुल कुलश्रेष्ठ उपस्थित रहे। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बन्नादेवी की एमओआईसी डॉक्टर हिरा सिराज द्वारा जिलाधिकारी का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।









