शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा गुरूग्राम में क्षमता निर्माण कार्यशाला


– कार्यशाला में यूएलबी के आयुक्त एवं सचिव विकास गुप्ता तथा निदेशक डा. यशपाल ने स्वच्छता तथा आरओडब्ल्यू आदि विषयों पर दी जानकारी
– हरियाणा के सभी निगमों, परिषदों तथा पालिकाओं के अधिकारियों ने कार्यशाला के बाद गुरूग्राम की विभिन्न जगहों का किया दौरा
– टीम माइक्रो एसटीपी सेक्टर-43, बादशाहपुर ड्रेन कॉरिडोर तथा सनाथ रोड़ का किया दौरा, ली विस्तार से जानकारी

गुरूग्राम, 16 अप्रैल। हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा गुरूग्राम में मंगलवार को एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में यूएलबी के आयुक्त एवं सचिव विकास गुप्ता तथा निदेशक डा. यशपाल ने स्वच्छता तथा आरओडब्ल्यू प्रबंधन आदि विषयों पर जानकारी दी।

अपने संबोधन में आयुक्त एवं सचिव ने कहा कि स्थानीय निकायों से नागरिकों की अपेक्षाएं अधिक होती हें तथा सभी लोग गुणवत्तापूर्ण सेवाएं चाहते हैं। हमारा यह दायित्व है कि हम नागरिकों को बेहतर एंबियंस, सफाई व सेवाएं उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम सभी को सफाई अच्छी लगती है, उसी प्रकार हमें शहरवासियों को भी बेहतर सफाई व्यवस्था उपलब्ध करवानी चाहिए। सफाई आदत, कार्यशैली तथा व्यवहार का विषय है। अगर हम सभी को सफाई की आदत होगी, तो हम अपने घर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र का भी ध्यान रखेंगे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सबसे पहले हम अपने कार्यालयों से सफाई की शुरूआत करें। उन्होंने सिटी सैनीटेशन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए तथा कहा कि अगर योजना बेहतर होगी, तो उसका कार्यान्वयन व निगरानी भी बेहतर रहेगी। जो स्थान सफाई के मामले में बेहतर हैं, वैसी ही व्यवस्था अन्य स्थानों पर लागू करें। वरिष्ठ अधिकारी स्वयं फील्ड में जाएं तथा कर्मचारियों को मोटिवेट करें। इसके साथ ही सभी स्टेक हॉल्डर्स के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें और इनफॉर्मल सेक्टर को फॉर्मल में लेकर आएं। उन्होंने कहा कि प्रोसैसिंग की व्यवस्था शहर अपनी जरूरत के अनुसार करें। उन्होंने पर्याप्त योजना, निगरानी तथा सिस्टम बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को एक जन आंदोलन बनाएं तथा उन्हें आशा है कि इस वर्ष हम सभी बेहतर रैंकिंग लाएंगे।

नगर निगम गुरूग्राम के आयुक्त डा. नरहरि सिंह बांगड़ ने अपने संबोधन में सभी का स्वागत किया तथा कहा कि स्वच्छता जीवन का मूलमंत्र है और हमारा यह दायित्व भी है कि हम अपने शहर को स्वच्छ बनाने में अपना योगदान दें। लोगों को स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाओं से सीखकर दिन-प्रतिदिन आने वाली चुनौतियों से निपटने का रास्ता मिलता है।
यूएलबी के निदेशक डा. यशपाल ने एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से वायु प्रदूषण नियंत्रण एवं कचरा प्रबंधन, सीएंडडी वेस्ट मैनेजमेंट, पशुओं के गोबर का प्रबंधन, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट, ई-वेस्ट मैनेजमेंट, तरल कचरा प्रबंधन तथा आरओडब्ल्यू प्रबंधन एवं रख-रखाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्वच्छता में नागरिकों की अधिक से अधिक भागीदारी, लोगों को लीडरशिप सौंपने, 100 प्रतिशत डोर-टू-डोर कलेक्शन, सेग्रीगेशन, खत्तों से नियमित कचरा उठान, सभी दुकानों व स्ट्रीट वेंडर्स के पास दो डस्टबिन का उपयोग, एमआरएफ तथा वैज्ञानिक तरीके से कचरे के निपटान पर बल दिया। इसी प्रकार सीएंडडी वेस्ट मैनेजमेंट के बारे में बेहतर व्यवस्था की जानकारी दी, जिसमें मोबाइल प्लांट, सेमी मोबाइल प्लांट व स्थाई प्लांट स्थापित करने बारे जानकारी दी गई। इसके साथ ही सीएंडडी वेस्ट का डोर-टू-डोर उठान की व्यवस्था बनाने तथा इधर-उधर पड़े मलबे का उठान सुनिश्चित करने पर भी प्रकाश डाला। इसी प्रकार पशुओं के गोबर का प्रबंधन, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट, ई-वेस्ट तथा तरल कचरा प्रबंधन की जानकारी भी दी गई। कार्यशाला में यह भी कहा गया कि जुलाई माह के अंत तक सभी सडक़ों को गड्ढा मुक्त बनाया जाए तथा हमेशा आरओडब्ल्यू का प्रबंधन व रख-रखाव करने की दिशा में कार्य करें।

कार्यशाला के बाद सभी अधिकारियों ने सेक्टर-43 में नगर निगम द्वारा स्थापित 50 केएलडी क्षमता के माइक्रो एसटीपी का भी दौरा किया तथा इसके संचालन, रख-रखाव तथा निर्माण के बारे में विस्तृत जानकारी ली। इसके बाद बादशाहपुर ड्रेन कॉरिडोर का भी दौरा टीम द्वारा किया गया। इस कॉरिडोर का निर्माण सीएसआर फंड से किया गया है तथा इसमें ज्यादातर सीएंडडी वेस्ट तथा अन्य रियूजेबल वस्तुओं का उपयोग हुआ है। कॉरिडोर का निर्माण करने वाली आईएम गुरूग्राम संस्था की लतिका ठुकराल ने बताया कि लगभग 5.5 किलोमीटर के इस कॉरिडोर में 8 स्ट्रैच बनाए गए हैं, जिनमें लोगों के बैठने की व्यवस्था, कथा कॉर्नर, ओपन थिएटर, पौधारोपण, पोंड तथा नालियां आदि बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में पूरी तरह से रेनवाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की गई है। टीम ने सेक्टर-18 स्थित सनाथ रोड़ का भी दौरा किया।

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