भारत के स्वतंत्रता संग्राम में मुस्लिम उलेमा की भूमिका‘ विषय पर भाषण प्रतियोगिता में अफजल रहे प्रथम

आजादी का अमृत महोत्सव‘ कार्यक्रम का आयोजन
अलीगढ़, 13 अगस्तः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सेंटर फार प्रोमोशन आफ एजूकेशनल एण्ड कल्चरल एडवांस्मेंट आफ मुस्लिम्स आफ इंडिया (सीईपीईसीएएमआई) द्वारा संचालित ब्रिज कोर्स केे तत्वाधान में ‘आजादी का अमृत महोत्सव‘ के अंतर्गत ‘भारत के स्वतंत्रता संग्राम में मुस्लिम उलेमा की भूमिका‘ विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें मोहम्मद अफजल ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया जबकि उज्मा सादिया, मोहम्मद अली और अमरीन नवाब ने दूसरा और आसिया खानम, सुमैय्या इकबाल और फरहीन फातिमा ने तीसरा पुरस्कार जीता।
निबंध प्रतियोगिता में सहीमा खातून ने ‘भारत के स्वतंत्रता संग्राम में विद्वानों की भूमिका‘ विषय पर पहला पुरस्कार हासिल किया जबकि अरजाउल हक और आसिया खानम ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया।
अध्यक्षीय भाषण में श्री नसीम अहमद खान (निदेशक, सीईपीईसीएएमआई) ने कहा कि आजादी के बाद से हमारे देश ने तेज गति से प्रगति की है। देश आर्थिक और सामाजिक रूप से आगे बढ़ रहा है। यदि स्वतंत्रता सेनानियों ने स्वतंत्रता संग्राम में योगदान नहीं दिया होता तो देश की वर्तमान स्थिति कुछ और होती। हम अपने देश के स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा किए गए प्रयासों और बलिदानों के कारण ही आज स्वतंत्र हैं। उन्होंने महिला स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान पर भी चर्चा की।
श्री बच्चन अली खान (सहायक निदेशक) ने भारतीय मुसलमानों की शैक्षिक और सांस्कृतिक उन्नति में सीईपीईसीएएमआई के योगदान पर बात की।
डॉ रेहान अख्तर (सुन्नी धर्मशास्त्र विभाग) ने स्वतंत्रता आंदोलन में मुसलमानों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
श्री राशिद अकील ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ भारतीय राज्यों को एकजुट करने में शेखुल इस्लाम, मौलाना महमूद हसन और मौलाना उबैदुल्ला सिंधी द्वारा चलाई गई 1905 की रेश्मी रुमाल तहरीक (आंदोलन) पर बात की।
कार्यक्रम का संचालन डा० मोहम्मद खुर्शीद आलम ने किया और डा० फरहीन अंजुम ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस बीच, ‘आजादी का अमृत महोत्सव‘ को चिह्नित करने के लिए लाइब्रेरी एण्ड इन्फारमेशन साइंस विभाग के शिक्षकों, छात्रों और कर्मचारियों द्वारा भारतीय इतिहास, परंपराओं और स्तुति के प्रतीक राष्ट्रगाण गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रोफेसर निशात फातिमा (अध्यक्ष, लाइब्रेरी एण्ड इन्फारमेशन साइंस विभाग) ने कहा कि यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की इच्छा के अनुरूप अधिकतम संख्या में लोगों द्वारा राष्ट्रगाण गाने का रिकॉर्ड बनाने की इच्छा के अनुरूप ऑफ़लाइन और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से आयोजित किया गया है।

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