भारत पब्लिकेशन हाउस द्वारा प्रकाशित डॉ. नाज़िश बेगम की पुस्तक ‘कथ्य-विन्यास से शिल्प-सौंदर्य तक : कहानी प्रवाह का समीक्षात्मक पाठ‘ का एएमयू में विमोचन
एएमयू के वीमेंस कॉलेज में रचनात्मक लेखन कार्यशाला के समापन समारोह में हुआ विमोचन
अलीगढ़, 13 अक्टूबर। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के वीमेंस कॉलेज में मंगलवार को रचनात्मक लेखन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के प्रथम सत्र में छात्राओं को कहानी-कला, कथानक की संरचना, प्रभावी लेखन-शैली तथा साहित्यिक रचनाओं के प्रकाशन की प्रक्रिया से संबंधित व्यावहारिक जानकारी दी गई। सत्र का उद्देश्य छात्राओं की रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना और उन्हें साहित्य-सृजन की तकनीकों से परिचित कराना था।
इस अवसर पर भारत पब्लिकेशन हाउस, दिल्ली-अलीगढ़ के निदेशक ने एएमयू के वीमेंस कॉलेज के हिंदी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नाज़िश बेगम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने साहित्यिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा हिंदी साहित्य के अध्ययन, लेखन और आलोचना के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की।
भारत पब्लिकेशन हाउस द्वारा प्रकाशित डॉ. नाज़िश बेगम की पुस्तक ‘कथ्य-विन्यास से शिल्प-सौंदर्य तक : कहानी प्रवाह का समीक्षात्मक पाठ’ हिंदी कहानी के कथ्य, विन्यास और शिल्पगत विशेषताओं के आलोचनात्मक अध्ययन पर केंद्रित है। डॉ. बेगम की अन्य प्रकाशित कृतियों में ‘साहित्यिक अनुसंधान-प्रविधि : सिद्धांत, प्रक्रिया और अनुप्रयोग’ तथा ‘कहानी प्रवाह : चयनित श्रेष्ठ कहानियाँ’ भी शामिल हैं।
भारत पब्लिकेशन हाउस के निदेशक ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों, साहित्यकारों और प्रकाशन संस्थाओं के बीच सार्थक सहयोग से नवोदित लेखकों को प्रोत्साहन मिलता है तथा हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने के अवसर सृजित होते हैं। उन्होंने डॉ. नाज़िश बेगम के सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया और साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।






