Owaisi: हिस्सेदारी की लड़ाई लड़ रहे हैं हम

मुरादाबाद पहुंचे औवेसी, जनसभा को संबोधित किया

मुरादाबाद। एआईएमआईएम के राष्टीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी गुरुवार को गाजियाबाद से हापुड़, मेरठ, बुलंदशहर, संभल के पार्टी के कार्यकर्ताओं से मिलते हुए शाम को मुरादाबाद में पार्टी के लोगों से मुलाकात की और जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में ओवेसी ने योगी सरकार की कढ़ी आलोचना करते हुए कहा कि हम हिस्सेदारी की लड़ाई लड़ रहे हैं और यह लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि हम मजलूम और उन वेवा महिलाओं के लिए लड़ रहे है जिन्होंने कोविड में अपने पति और रिश्तेदारों को खोया है। हमें संकल्प मोर्चा का साथ देना होगा। उनकी रैली में काफी संख्या में लोग मौजूद थे।

योगी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि योगी सरकार लोगों को वैक्सीन देने में नाकाम रही है और केवल लोग केवल एक ही वैक्सीन के सहारे है। उत्तर प्रदेश सरकार लोगों इलाज देने में असतर्थ रही है।

गौरतलब है कि एआईएमआईएम पहले ही उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी है। पार्टी यह भी घोषणा कर चुकी है कि वो यूपी की 100 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। एआईएमआईएम उत्तर प्रदेश के ऐसे सभी जिलों में जा रही है जहां पर मुस्लिमों की संख्या अधिक है। उसी में से एक पश्चिम उत्तर प्रदेश का मुरादाबाद जो मुस्लिम बहुल की श्रेणी में आता है। यह जिला समाजवादी पार्टी का गढ़ भी है।

जानकारांें की माने तो औवेसी के मुरादाबाद से चुनाव लड़ने से सीधा भाजपा का इसका लाभ मिलेगा जबकि औवेसी की पार्टी के पदाधिकारियों ने कहना है कि हमारा मिशन यहां के मुस्लिम समाज को एक नई दिशा दिखाएगा। 2017 में मुरादाबाद की 6 विधानसभा सीट में से 2 सीट पर बीजेपी चुनाव जीती थी। मुरादाबाद के एआईएमआईएम के महानगर अध्यक्ष वकी रशीद का कहना है कि एआईएमआईएम की लोगप्रियता इसी बात से साबित होती है कि यहां से कई लोग टिकट मांग रहे हैं। इसके लिए सभी से आवेदन मांगे गए है।

S T Hasan MP Moradabad

सपा सांसद डॉक्टर एसटी हसन ने कहा

सपा सांसद डॉक्टर एसटी हसन ने यूपी विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम चुनाव लड़ने के मामले में कहा कि ये सिर्फ वोट काटने वाली पॉलिटिक्स है, बंगाल के मुसलमानों ने वहां के चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी को नकार दिया था. बिहार में जरूर असदुद्दीन ओवैसी को मुसलमानों ने चुनाव जिताया था लेकिन ओवैसी के बिहार चुनाव से बंगाल के मुसलमानों ने सबक लेते हुए उन्हें चुनाव में नकार दिया.

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