लगाए गए आरोपों किया खंडन, मानहानि का मुकदमा दर्ज करने की बात कही
अलीगढ़ 1 दिसंबरः माननीय प्रधान मंत्री की प्रशंसा के कारण कथित उत्पीड़न के संबंध में मीडिया के एक वर्ग में डा दानिश रहीम द्वारा लगाए गए आरोपों का कड़ा संज्ञान लेते हुए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के भाषा विज्ञान विभाग के अध्यक्ष ने आरोपों को निराधार, तथ्य से परे और भ्रामक बताते हुए इस का खंडन किया है।
भाषाविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. एम जे वारसी ने कहा कि डा. दानिश रहीम का यह आरोप कि माननीय पीएम की प्रशंसा के कारण उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है, पूरी तरह से गलत है। मैं उनसे अपने कार्यालय या अन्य जगहों पर कभी नहीं मिला। वास्तव में, मेरी उनसे टेलीफोन पर भी कभी बातचीत नहीं हुई।जहां तक उनके पीएचडी डिग्री से संबंधित मुद्दों की बात है, वह ध्यान भटकाने का प्रयत्न कर रहे है। जब मैं उनसे मिला ही नहीं तो उन्हें परेशान करने का सवाल ही उत्पन्न नहीं होता। प्रोफेसर वारसी ने आगे बताया कि वह इस सम्बन्ध में कानूनी राय ले रहे हैं और जल्द ही कानूनी कार्यवाही करेंगे। उन्होंने कहा कि मैं उन्हें एक कानूनी नोटिस भेज रहा हूं और डा दानिश रहीम द्वारा लगाए गए निराधार आरोपों पर कानूनी राय ले रहा हूं और उनके खिलाफ मानहानि का मुक़दमा दायर करूंगा क्योंकि उनके उत्पीड़न के आरोप पूरी तरह से दुर्भावनापूर्ण इरादों के साथ उनकी कल्पना की उपज हैं।
एक विश्वविद्यालय प्रवक्ता ने बताया कि डा. दानिश रहीम ने लैंग्वेज फार एडवरटाइजिंग, मार्केटिंग एंड मीडिया कोर्स में पीएचडी के लिए सत्र 2016-17 में आवेदन किया था। इसके बाद, उन्होंने पीएचडी (लैम) पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया। प्रवक्ता ने कहा कि उनके द्वारा जमा किया गया आवेदन पत्र और उनके स्वयं के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान के साथ भरा गया प्रवेश पत्र विश्वविद्यालय के रिकार्ड में है। लेकिन टाइपिंग कि ग़लती और चूक के कारण उन्हें गलती से भाषा विज्ञान में पीएचडी की डिग्री जारी कर कर दी गयी। डा. दानिश रहीम ने लैम में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की थी और इस प्रकार वह भाषाविज्ञान में पीएचडी के लिए पात्र नहीं हैं। उन्होंने कहा कि चूक हुई है और इस मामले कि गहनता से छानबीन करने और डा दानिश रहीम कि शिकायत कि जांच करने के लिए प्रो. मेहदी अब्बास रिज़वी, पूर्व डीन, इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय और प्रो. आर.के. तिवारी, प्राचार्य, डॉ. जेड. ए. डेंटल कॉलेज पर आधारित एक इन्क्वायरी समिति का गठन किया गया है। यह दो सदस्यीय कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट देगी। उन्होंने कहा कि डॉ दानिश रहीम को अपनी पीएचडी डिग्री में आवश्यक सुधार कराने के लिए कहा गया है ताकि उनकी डिग्री में त्रुटियों को सुधारा जा सके।








