अलीगढ़, 23 जूनः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सतत एवं प्रौढ़ शिक्षा एवं विस्तार केंद्र (सीसीएई) ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) के अवसर पर योग प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया।
प्रोफेसर मुहम्मद गुलरेज़, प्रोफेसर वाइस चांसलर, एएमयू और निदेशक, सीसीएईई ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और योग के लाभों के बारे में बताया। उन्होंने प्रतिभागियों से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आग्रह किया।
सीसीएई की उप निदेशक प्रोफेसर आयशा मुनीरा रशीद ने कहा कि सभी को शारीरिक फिटनेस और योग के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना चाहिए।
सुश्री शारदा तिवारी, योग, फिजियोथेरेपी और पोषण विशेषज्ञ (एसपी जिम, नई दिल्ली) ने प्रतिभागियों को विभिन्न योग आसनों में प्रशिक्षित किया और छात्रों को विभिन्न आसनों के लाभों के बारे में बताया।
डॉ. नाजिया खान, सहायक निदेशक खेल, महिला कॉलेज, ने प्रतिभागियों को विभिन्न शारीरिक व्यायामों के बारे में जानकारी दी और उन्हें अपनी फिटनेस पर ध्यान देने के लिए कहा।
कार्यक्रम का संचालन सीसीएई के एसोसिएट प्रोफेसर डा. शमीम अख्तर ने किया।
वहीं संस्कृत विभाग ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर व्याख्यान श्रंखला का आयोजन किया, जिसमें देश के विभिन्न विभागों के पांच ख्यातिप्राप्त विद्वानों ने योग पर व्याख्यान दिए.
डा. श्रीनिवास मोहन मिश्रा, पूर्व निदेशक, भारत रत्न गुलजारी लाल नंदा सेंटर ऑफ रिसर्च इन एथिक्स एंड फिलॉसफी ने पतंजला योग दर्शन को संबोधित किया, जबकि अरबी विभाग के प्रोफेसर मुहम्मद सनाउल्लाह नदवी ने ‘इस्लाम में पवित्रता की अवधारणा‘ पर व्याख्यान दिया।
डा. आर. सुब्रमणि, एसोसिएट प्रोफेसर, मदुरै कॉलेज, मदुरै कामराज विश्वविद्यालय, तमिलनाडु ने ‘श्री अरबिंदो के व्यापक योग के माध्यम से परिवर्तन‘ विषय पर बात की। वार्ष्णय कालिज के संस्कृत विभाग के अध्यक्ष अजीत कुमार जैन ने जैन योगाा के बारे में चर्चा की। गोस्वामी गणेश दत्ता सनातन धर्म कॉलेज, चंडीगढ़ के डॉ देवी सिंह ने बौद्ध धर्म में योग पर बात की।
इससे पूर्व एएमयू के संस्कृत विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर हिमांशु शेखर आचार्य ने वक्ताओं, अतिथियों, विद्वानों, शिक्षकों और छात्रों का स्वागत किया। उन्होंने विभिन्न धार्मिक ग्रंथों में वर्णित योग की परिभाषा और आधुनिक समय में इसकी प्रासंगिकता का भी वर्णन किया। उन्होंने कहा कि ‘योग झूठ से सत्य की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर और नश्वर से अमर की ओर की यात्रा है।‘
साढ़े तीन घंटे से अधिक समय तक चले इस कार्यक्रम में 55 से अधिक छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन एसोसिएट प्रोफेसर डा. सारिका वार्ष्णय ने किया और सहायक प्रोफेसर डा. हेम बाला ने दर्शकों का धन्यवाद किया।
इस दौरान महिला पॉलिटेक्निक, एएमयू में बड़ी संख्या में महिला छात्रों और शिक्षकों ने योग सत्रों में भाग लिया और विभिन्न आसनों का प्रदर्शन किया।
डा. सलमा शाहीन (प्रधानाचार्य एवं संयोजक) ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य उद्देश्य विश्व की प्रत्येक जीवित आत्मा में शांति, सद्भाव, खुशी, स्वास्थ्य और सफलता लाना है। ‘योग एक मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक व्यायाम है जिसे हर दिन करने की आवश्यकता होती है‘। उन्होंने कहा कि
रिसोर्स पर्सन मिस फराह (पीएचई शिक्षक और फिटनेस ट्रेनर) ने योग के लाभों के बारे में बताया और प्रतिभागियों को अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर, एएमयू के अब्दुल्ला स्कूल ने कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के लिए एक ऑनलाइन पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता का आयोजन किया, जिसमें 40 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। स्कूल अधीक्षक श्रीमती उमरा जहीर ने कहा कि योग स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए एक बेहतरीन व्यायाम है।








