जेएन मेडीकल कालिज चिकित्सक एएमयू शिक्षक ने घर पर बीपी मापन के तरीके बताये

अलीगढ़, 17 मईः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के राजीव गांधी सेंटर फॉर डायबिटीज एंड एंडोक्रिनोलॉजी के निदेशक, डॉ हामिद अशरफ ने घर पर स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण निगरानी पर विचार-विमर्श किया।

वह राजीव गांधी सेंटर फॉर डायबिटीज एंड एंडोक्रिनोलॉजी में ‘विश्व उच्च रक्तचाप दिवस’ मनाने के लिए आयोजित ‘मेजरिंग ब्लड प्रेशर एक्यूरेटली एट होम’ चर्चा कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि अपने रक्तचाप को मापने से पहले 30 मिनट के भीतर धूम्रपान न करें और कैफीनयुक्त पेय पदार्थ न पिएं या व्यायाम न करें। टाइट आस्तीन का उपयोग न करें क्यूंकि बहुत छोटी आस्तीन अस्थायी रूप से आपके रक्तचाप को बढ़ा सकती है।

उन्होंने कहा कि पीठ को सहारा देकर सीधी स्थिति में बैठें, पैर फर्श पर सपाट रखे हों और आपकी भुजा हृदय के स्तर पर टिकी हो। यह भी सुनिश्चित करें कि कफ का निचला भाग कोहनी के मोड़ के ठीक ऊपर है। रक्तचाप का माप लेने से पहले लगभग पांच मिनट आराम करें।

प्रोफेसर हामिद ने जोर देकर कहा कि उच्च रक्तचाप वाले लोगों में किसी भी विकार का खतरा सबसे अधिक होता है। यदि रक्तचाप को नियंत्रित रखा जाए तो जटिलताओं से बचा जा सकता है। मरीजों को अपना बीपी बार-बार चेक करना चाहिए और रिकॉर्ड रखना चाहिए। यहां तक कि फिट लोगों को भी साल में कम से कम एक बार रक्तचाप मापना चाहिए।

अपने डॉक्टर या नर्स से बात करें कि आपके लिए क्या उपयुक्त है। शुरुआत में आपके रक्तचाप की बारीकी से निगरानी करना उपयोगी हो सकता है, बाद में नियमित अंतराल पर रक्तचाप मापा जा सकता है।

उन्होंने लोगों से उच्च रक्तचाप के लक्षणों पर ध्यान देने का आग्रह किया जिन्हें कभी भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। सिरदर्द, नाक से खून बहना, सांस लेने में तकलीफ और अनियमित दिल की धड़कन उच्च रक्तचाप से प्रेरित हो सकती है और इन स्थितियों में रक्तचाप की तुरंत निगरानी की जानी चाहिए।

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