अलीगढ़, 31 जनवरीः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, विभिन्न संकायों के डीन, विभागों के अध्यक्षों और नोडल अधिकारियों ने आज एनआईआरएफ 2022 और अन्य रैंकिंग्स के लिए डेटा जमा करने के संबंध में जेएन मेडिकल कालिज सभागार में आयोजित एक सलाहकार बैठक के पश्चात कुलपति, प्रोफेसर तारिक मंसूर से राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) 2021 के प्रमाण पत्र प्राप्त किये।

अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय को गत 9 सितंबर, 2021 को एक आभासी कार्यक्रम में माननीय शिक्षा मंत्री, श्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा जारी एनआईआरएफ विश्वविद्यालय रैंकिंग 2021 में कुल मिलाकर देश में 10वां स्थान प्रदान किया गया था। इस रैंकिंग में वास्तुकला विभाग को भारत में 13वां सर्वश्रेष्ठ स्थान दिया गया था, जेएन मेडिकल कॉलेज ने 15वीं रैंक प्राप्त की थी, जियाउद्दीन अहमद डेंटल कॉलेज को 26वां, जाकिर हुसैन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (जेडएचसीईटी) को 35वां और फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट को 49वां स्थान दिया गया था।

रजिस्ट्रार, श्री अब्दुल हमीद (आईपीएस) ने सभी विश्वविद्यालयों के बीच एएमयू की समग्र 10वीं रैंक के लिए प्रमाण पत्र और सभी संस्थानों और विश्वविद्यालयों के बीच विश्वविद्यालय की 18वीं रैंक के लिए प्रमाण पत्र प्राप्त किया। जबकि रिसर्च कैटेगरी में एएमयू की 24वीं रैंक का सर्टिफिकेट जीव विज्ञान संकाय के डीन अधिष्ठाता एवं डायरेक्टर एकेडमिक प्रोग्राम्स कमैटी, प्रोफेसर वसीम अहमद ने प्राप्त किया।
आर्किटेक्चर कैटेगरी में 13वीं रैंक का सर्टिफिकेट प्रोफेसर परवेज मुस्ताजाब (डीन, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी), प्रोफेसर सुफियान बेग (प्रिंसिपल, जेडएचसीईटी), डा० शरमीन खा़न (कार्यवाहक अध्यक्ष, आर्किटेक्चर विभाग) और श्री फ़राज़ फारूक (नोडल अफसर, आर्किटेक्चर विभाग) को दिया गया।
प्रोफेसर परवेज मुस्ताजाब और प्रोफेसर सुफियान बेग ने भी नोडल अधिकारियों, प्रोफेसर मसरूर आलम, डा० आदिल सरवर और श्री तालिब हुसैन के साथ जेडएचसीईटी के 35वें रैंक का प्रमाण पत्र प्राप्त किया।

प्रोफेसर राकेश भार्गव (डीन, मेडिसिन संकाय), प्रोफेसर शाहिद सिद्दीकी (प्रिंसिपल, जेएनएमसी) और नोडल अधिकारी, प्रोफेसर वसीम रिजवी, डा० शाह मोहम्मद अब्बास वसीम और डा० अली जाफर आबेदी को जेएनएमसी की 15वीं रैंक के लिए प्रमाण पत्र दिया गया।
प्रोफेसर एन.डी गुप्ता और नोडल अधिकारी डा० अरबाब अंजुम के साथ प्रोफेसर राकेश भार्गव को जेडएडीसी का 26वां रैंक प्रमाण पत्र सौंपा गया।
कानून श्रेणी में 11वीं रैंक का प्रमाण पत्र प्रोफेसर मोहम्मद अशरफ (डीन, विधि संकाय) और नोडल अधिकारियों, प्रोफेसर इकबाल अली खान और प्रोफेसर शकील अहमद को दिया गया; जबकि प्रोफेसर सलमा अहमद (डीन, प्रबंधन अध्ययन और अनुसंधान संकाय), प्रोफेसर जमाल ए फारूकी (अध्यक्ष, बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग) और नोडल अधिकारी, डा० आसिफ अख्तर ने प्रबंधन श्रेणी में 49वां रैंक प्रमाण पत्र प्राप्त किया।
एनआईआरएफ 2022 और अन्य रैंकिंग्स के लिए डेटा जमा करने पर विचार के लिए एक सलाहकार बैठक का आयोजन जेएनएमसी सभागार में कुलपति की अध्यक्षता में हुई।
प्रोफेसर मोहम्मद नवेद खान (एएमयू रैंकिंग समिति के संयोजक और एनआईआरएफ रैंकिंग के समन्वयक) ने कहा कि सभी संकायों के डीन, डीन छात्र कल्याण, रजिस्ट्रार, वित्त अधिकारी, परीक्षा नियंत्रक, शैक्षणिक कार्यक्रम समिति के निदेशक, यूजीसी एचआरडीसी, कॉलेजों और पॉलिटेक्निकस के प्राचार्य और आर्किटेक्चर, लॉ तथा बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के अध्यक्षों ने बैठक में भाग लिया।
उन्होंने कहा कि मीटिंग में प्रोफेसर सीमा हकीम (क्षेत्रीय संसाधन प्रशिक्षण केंद्र की नोडल अधिकारी और प्रेज़िडिंग अफसर, आंतरिक शिकायत समिति), रैंकिंग समिति के सभी सदस्य, ओएसडी कुलपति कार्यालय, आईपी सेल के संयोजक, सभी नोडल अधिकारी, प्रशिक्षण और प्लेसमेंट अधिकारी (सामान्य), प्रशिक्षण और प्लेसमेंट अधिकारी (जेडएचसीईटी), सहायक प्रशिक्षण और प्लेसमेंट अधिकारी (सामान्य) और आईक्यूएसी के सांख्यिकीय सहायक भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर, प्रोफेसर एम सालिम बेग (अध्यक्ष, रैंकिंग समिति) ने यह भी बताया कि एएमयू ने हाल ही में जारी शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल की इनोवेशन अचीवमेंट्स पर संस्थानों की अटल रैंकिंग (एआरआईआईए) 2021 में केंद्रीय वित्त पोषित तकनीकी संस्थानों (सीएफटीआई), केंद्रीय विश्वविद्यालयों और राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के बीच “बैंड-एक्सीलेंट” में भी स्थान ग्रहण किया है।
उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि एएमयू ने हाल ही में घोषित एआरआईआईए रैंकिंग के परिणामों में सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों, आईआईटी, एनआईटी और आईआईएससी सहित 1438 भारतीय शिक्षण संस्थानों में स्पष्ट रूप से सर्वाेच्च स्थान प्राप्त किया है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को अकादमिक पाठ्यक्रमों में उत्कृष्टता, सफल नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे, पेटेंट फाइलिंग, सहयोग और पारिस्थितिकी तंत्र के साथ साझेदारी, अनुसंधान आउटपुट और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में शीर्ष स्थान के लिए आंका गया था। उन्होंने कहा कि एएमयू ने अब तक एआरआईआईए के सभी संस्करणों में भाग लिया है।
प्रोफेसर एकराम खान एआरआईआईए-2021 डेटा संग्रह, वेलिडेशन और सत्यापन के अमुवि समन्वयक थे। डॉ मोहम्मद वाजिद ने उनकी सहायता की।
कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि एएमयू की असली ताकत अनुसंधान और नवाचार में योगदान को एआरआईआईए “बैंड-एक्सीलेंट” रैंक के साथ उचित मान्यता मिली है। शीर्ष भारतीय सार्वजनिक संस्थानों में से एक के रूप में एएमयू छात्रों को नवाचार की संस्कृति प्रदान कर रहा है और शिक्षकों को नवाचार के उत्प्रेरकों, लीक से हट कर सोचने वालों और समस्या का समाधान प्रदान करने वालों के रूप में तैयार करता है।








