पुस्तकालय स्वचालित व्यवस्था पर ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
अलीगढ़, 28 जनवरीः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की मौलाना आजाद लाइब्रेरी के तत्वाधान में एलआईबीएसवाईएस लिमिटेड, ग्रुग्राम के सहयोग से एएमयू में कार्यरत पुस्तकालय पेशेवरों के लिए तीन दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एएमयू में काम कर रहे सभी पुस्तकालय पेशेवरों को एलआईबीएसवाईएस सॉफ्टवेयर का उपयोग करके अपने सेमिनार, कॉलेज और विभागीय पुस्तकालयों को पूरी तरह से स्वचालित करने के लिए प्रशिक्षित करना था।
ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान, रिसोर्स पर्सन श्री अमित कुमार सिंह (एलआईबीएसवाईएस, ग्रुग्राम) ने दो अलग-अलग सत्रों में व्याख्यान, लाइव प्रदर्शन और व्यवहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से एक्वीजीशन और कैटलॉगिंग मॉड्यूल और सर्कुलेशन और सीरियल मॉड्यूल पर प्रशिक्षण प्रदान किया।
संसाधन व्यक्तियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रोफेसर निशात फातिमा (विश्वविद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष) ने पुस्तकालयों में स्वचालन के महत्व पर जोर दिया और बताया कि कैसे मौलाना आजाद पुस्तकालय ने एलआईबीएसवाईएस सॉफ्टवेयर के माध्यम से 2001 में स्वचालन की प्रक्रिया शुरू की थी जो विश्वविद्यालय के साथ-साथ दूरस्थ राज्यों के तीन विश्वविद्यालय केंद्रों में भी प्रयोग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मौलाना आज़ादी पुस्तकालय सबसे बड़े पुस्तकालयों में से एक है, जिसमें उप-महाविद्यालयों और विभागों के लगभग 110 पुस्तकालय हैं। एएमयू लाइब्रेरी नेटवर्क को 2012 में सभी विश्वविद्यालय पुस्तकालयों का एक केंद्रीय डेटाबेस बनाने के उद्देश्य से पेश किया गया था और सेमिनार पुस्तकालयों को केंद्रीय डेटाबेस से जोड़ा गया है और वेब ओपैक की मदद से इसे कहीं से भी एक्सेस किया जा सकता है।
उप पुस्तकालयाध्यक्ष डा० आसिफ फरीद सिद्दीकी, डा० हबीब उर्रहमान खान और डा० मुनव्वर इकबाल ने अपने भाषणों में स्वचालन गतिविधियों की समय-सीमा पर प्रकाश डाला और मौलाना आजादी पुस्तकालय की स्वचालन स्थिति पर जानकारी दी। उन्होंने एलआईबीएसवाईएस सॉफ्टवेयर के विभिन्न मॉड्यूल के बारे में भी बात की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 200 शिक्षकों, पुस्तकालय विशेषज्ञों और छात्रों ने भाग लिया। लाइव सेशन के दौरान आटोमेशन से जुड़े सवालों और मुद्दों पर चर्चा हुई। डा० अरुण कुमार (डिप्टी लाइब्रेरियन), डा० जाफर इकबाल और डा० टीएस असगर (सहायक लाइब्रेरियन) ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम समन्वयक डा० मुनव्वर इकबाल थे।








