नैनो टेक्नोलाजी में रुझान पर वेब सम्मेलन श्रृंखला आयोजित
अलीगढ़, 27 जनवरीः अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के इंटरडिसिप्लिनरी नैनोटेक्नोलाजी सेंटर के तत्वाधान में अंतर्राष्ट्रीय वेब सम्मेलन श्रृंखला के पहले कार्यक्रम में ‘नैनो टेक्नोलाजी में नए रुझान’ विषय पर विशेषज्ञों ने नैनो टेक्नोलाजी में रुझानों और बड़े पैमाने पर उनके अनुप्रयोगों पर चर्चा की, जिनका उद्योग, चिकित्सा, नई कंप्यूटिंग प्रणालियों और स्थिरता पर बहुत प्रभाव पड़ने की संभावना है। कुलपति प्रोफेसर तारिक़ मंसूर ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
प्रोफेसर अनिल के प्रधान (ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी, यूएसए) ने वैकल्पिक एक्स-रे स्रोतों और विकिरण चिकित्सा और निदान (थेरानोस्टिक्स) में सुधार के लिए भारी तत्व सामग्री के साथ उनके संबंधों पर एक कम्प्यूटेशनल और सैद्धांतिक जांच पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।
वह ‘कैंसर थेरेग्नोस्टिक के लिए हाई-जेड नैनोमोइतीज के नावेल एक्स-रे रेडियो सेंसिटाइजेशन’ पर भाषण दे रहे थे।
डा. साजिद हुसैन (सह-संस्थापक, एवोकोड आयीेेएनसी , कैलिफ़ोर्निया, यूएसए) ने ‘लक्षित दवा वितरण के लिए आणविक ज़िप कोड की साइट-स्पेसिफिक टार्गेटिंग’ पर विचार व्यक्त करते हुए कैंसर के उपचार में लक्षित दवा वितरण पर चर्चा की।
प्रोफेसर असदुल्लाह खान (इंटरडिसिप्लिनरी बायोटेक्नोलाजी यूनिट, एएमयू) ने ‘सीआरआईएसपीआर बनाम बायोफिल्मः ए फ्यूचर बैटल ग्राउंड आफ इंफेक्शन’ पर बात की और विभिन्न घातक संक्रमणों के कारणों और उपचार की रूपरेखा तैयार की।
डा. सनोबर एस मीर (इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, लखनऊ) ने ‘प्रोटीनोपैथिसः फंडामेंटल डिजीज बायोलाजी एंड टार्गेटेड थेरेप्यूटिक्स’ पर अपने शोध के बारे में बताया।
डा मोहम्मद ज़ैनुद्दीन (डायरेक्टर, बायोलाजी जनरल, जुबिलेंट थेरेप्यूटिक्स) ने ‘ड्रग डिस्कवरी एंड डेवलपमेंट’ और मेडिसिन क्षेत्र में नैनो टेक्नोलाजी के उपयोग को चित्रित किया।
प्रोफेसर फर्रुख अर्जमंद (रसायन विज्ञान विभाग, एएमयू) ने ‘मेटालो-ड्रग एंटिटीज इंड्यूस ए पोटेंट साइटोटोक्सिक इफेक्ट आन रेसिस्टेंट कैंसरस स्ट्रेनः स्ट्रक्चरल एंड बायोलाजिकल इनसाइट्स’ पर एक वार्ता दी। उन्होंने आगे कैंसर उपचार अध्ययन में अपने शोध के बारे में बताया। प्रोफेसर अबसार अहमद (इंटरडिसिप्लिनरी नैनोटेक्नोलाजी सेंटर, एएमयू) ने नैनो टेक्नोलाजी पर अपने शोध के अवलोकन के साथ श्स्वास्थ्य देखभाल, ऊर्जा और पर्यावरण में कुशल उपयोग के लिए नैनोकणों के जैवसंश्लेषण’ पर चर्चा की।
प्रोफेसर फरहान जलीस अहमद (जामिया हमदर्द, नई दिल्ली) ने ‘फाइटोकान्स्टीट्यूएंट पोटेंशियल में नैनोटेक्नोलाजी एप्लीकेशन’ पर एक वार्ता प्रस्तुत की।
उन्होंने हर्बल नैनो-इमल्शन की तैयारी और चिकित्सा विज्ञान में उनके अनुप्रयोगों पर भी बात की।
प्रोफेसर आदिल मर्दिनोग्लू (किंग्स कालेज लंदन, यूके) ने सैद्धांतिक संशोधनों के साथ रोगों के उपचार में सिस्टम बायोलाजी दृष्टिकोण के उपयोग को विस्तृत किया।
मोहम्मद अजहर अजीज (निदेशक, इंटरडिसिप्लिनरी नैनोटेक्नोलाजी सेंटर, एएमयू) ने ‘कैंसर की नैनोटेक्नोलाजी के माध्यम से सटीक और व्यक्तिगत चिकित्सा’ पर बात की और उन तरीकों पर चर्चा की जिनके माध्यम से स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता रोगियों के लिए विशिष्ट देखभाल की योजना बना सकते हैं।
डा स्वालेहा ने समापन भाषण दिया और डा रईस उल इस्लाम (कार्यक्रम माडरेटर) ने धन्यवाद ज्ञापित किया।








