AMU: एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस पर काबू पाने की जरूरत:प्रोफेसर वीएम कटोच

अलीगढ़, 6 अक्टूबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के इंटरडिसीप्लीनरी बायोटेक्नालोजी यूनिट ने ‘टूल्स एण्ड टेक्निक्स फार प्रीडक्शन आफ ऐंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस’ पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी और कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यक्रम का आयोजन प्रो. असद यू खान की डीबीटी अनुसंधान परियोजना ‘एक्सप्लोरिंग एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस बाई ओमिक्स एप्रोचेज’ शीर्षक के तहत किया गया था। कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक एएमयू कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर थे।
विशेष अतिथि प्रोफेसर वीएम कटोच (पूर्व सचिव, भारत सरकार और पूर्व डीजी, आईसीएमआर, नई दिल्ली) ने उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता की और एंटी-माइक्रोबियल प्रतिरोध (एएमआर) की वैश्विक स्थिति पर बात की। उन्होंने कहा कि एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस पर काबू पाने की जरूरत है। प्रोफेसर कटोच ने कहा कि एएमयू एक अग्रणी विश्वविद्यालय है जो एएमआर के वैश्विक संकट से उबरने में मदद कर सकता है।
जीव विज्ञान संकाय के डीन प्रोफेसर वसीम अहमद ने संकाय की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि जैव प्रौद्योगिकी इकाई एक महत्वपूर्ण विभाग है और जीव विज्ञान संकाय की रैंकिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने वैश्विक महामारी के दौरान इस संगोष्ठी के आयोजन पर संतोष व्यक्त किया।
राष्ट्रीय संगोष्ठी के संयोजक प्रोफेसर असद यू खान ने अपने स्वागत भाषण में रोगाणुरोधी प्रतिरोध के उभरते परिदृश्य और दवा प्रतिरोध संकट पर काबू पाने के लक्ष्यों को प्राप्त करने में विभाग की प्रगति का अवलोकन किया। डा. हिना यूनिस ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
तकनीकी सत्र की शुरुआत दिल्ली विश्वविद्यालय के माइक्रोबायोलाजी विभाग के प्रख्यात विद्वान प्रोफेसर जे.एस. वायरेडी के मुख्य भाषण से हुई। उन्होंने बैक्टीरिया में एएमआर का पता लगाने के लिए प्वाइंट आफ केयर टेस्ट पर प्रकाश डाला।
इटली के ला अक्विला विश्वविद्यालय के डा. एलेसेंड्रा पेक्रेली ने एंटरोबैक्टीरिया रोगाणुरोधी प्रतिरोध जीन का पता लगाने के लिए अगली पीढ़ी के अनुक्रमण पर चर्चा की। जबकि डा. मनीष कुमार, बायोफिज़िक्स विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय ने बैक्टीरिया में रोगाणुरोधी प्रतिरोध के बारे में बात की।
संगोष्ठी में देश के विभिन्न भागों से सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। आईबीयू समन्वयक प्रो. वसीम सिद्दीकी ने आभार व्यक्त किया। रिसर्च स्कालर आयशा ज़ैनब बेग ने कार्यक्रम का संचालन किया।

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